


रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (Income Tax Appellate Tribunal – ITAT) के नए भवन निर्माण का रास्ता जल्द ही साफ होने वाला है। गुरुवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, रांची बेंच के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य में न्यायाधिकरण के सुचारू कामकाज और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन की मांग
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ हुई इस विशेष मुलाकात में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मुख्य मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष आईटीएटी (ITAT), रांची बेंच के स्थायी भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार से उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया। गौरतलब है कि रांची बेंच के लिए अपना स्थायी भवन होने से करदाताओं, अधिवक्ताओं और न्यायाधिकरण के अधिकारियों को काफी सहूलियत होगी और अपीलीय प्रक्रियाओं के निष्पादन में भी काफी तेजी आएगी।
इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के कई प्रमुख सदस्य और विशेषज्ञ शामिल थे। इनमें मुख्य रूप से न्यायिक सदस्य (Judicial Member) जॉर्ज मथान, लेखा सदस्य (Accountant Member) रत्नेश सहाय, जाने-माने अधिवक्ता देवेश पोद्दार और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जयशंकर जयपुरिया मौजूद रहे।
सीएम हेमन्त सोरेन ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की बातों और मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, रांची बेंच को भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विषय पर राज्य सरकार पूरी तरह से सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर जल्द ही सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा कर एक अनुकूल और त्वरित निर्णय लिया जाएगा, ताकि न्यायाधिकरण के भवन निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके।
मुख्य सचिव भी रहे मौजूद, जल्द शुरू होगी प्रशासनिक प्रक्रिया
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि भूमि आवंटन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को इस संबंध में जल्द ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, ताकि राजधानी रांची में एक उपयुक्त स्थान का चयन कर आईटीएटी को भूमि हस्तांतरित की जा सके। यह कदम राज्य में कर प्रशासन (Tax Administration) के बुनियादी ढांचे और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।



