


रांची. पोक्सो के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने शनिवार को सात साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में दोषी करार साहिल अंसारी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
जुर्माना नहीं देने पर उसे अतिरिक्त नौ महीने जेल काटनी होगी. अदालत ने अभियुक्त को पोक्सो एक्ट में 20 साल और अप्राकृतिक यौनाचार मामले में 10 साल कारावास की सजा सुनाई है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी.
घटना को लेकर पीड़ित बच्चे के पिता ने 13 मई 2023 को लोअर बाजार थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया था कि उसका नाबालिग पुत्र घर के बाहर खेल रहा था, तभी साहिल और उसका एक साथी (नाबालिग) उसे अपने घर ले गया और उसके साथ गलत काम किया. पीड़ित ने बयान में इसकी पुष्टि की थी. अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी के साथ अधिवक्ता विवेक कुमार आर्य ने पक्ष रखा और सभी गवाहों का बयान दर्ज कराया गया. मामले का एक आरोपित नाबालिग है, इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है.



