


CHANDIL। नारायण आईटीआई लुपुंगडीह, चांडिल में बुधवार को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान परिसर में उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, प्रशिक्षकों और विद्यार्थियों ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान को याद किया।
एडवोकेट निखिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी, सादगी के प्रतीक और राष्ट्र सेवा के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रसाद का जीवन अनुशासन, त्याग और विनम्रता से परिपूर्ण था, जिसे आज की युवा पीढ़ी को आत्मसात करना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग यदि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को अपनाए, तो एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
इस मौके पर शांति राम महतो, प्रकाश महतो, शुभम साहू, संजीत महतो, पवन महतो, गौरव महतो, कृष्णा पद महतो, शशि प्रकाश महतो सहित कई लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम अंत में राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।



