


Jamshedpur.. विधायक सरयू राय ने हेमंत सरकार पर आरोप लगाया कि वह छह साल पहले सत्ता में आने के बाद से राज्य में निवेशकों को लाने में विफल रही है. राय ने यह भी आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार ने शुरू में सभी महिलाओं को वित्तीय सहायता योजना ‘मंईया सम्मान योजना’ का लाभ देने का वादा किया था, लेकिन बाद में कुछ शर्तें लगा दीं. जदयू विधायक ने कहा कि सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के छह साल के कार्यकाल के दौरान एक भी निवेशक झारखंड नहीं आया. उन्होंने दावा किया कि औद्योगीकरण से राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे लेकिन इस पहलू पर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है. पूर्व मंत्री राय ने कहा कि सरकार को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे राज्य में पहले से स्थापित छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग सुचारू रूप से चल सकें क्योंकि ऐसा कदम निवेशकों का विश्वास जीतेगा.
उन्होंने कहा कि सरकार ने मंईया सम्मान योजना के दुष्प्रभावों के बारे में नहीं सोचा, जो इसके लागू होने के बाद सामने आने लगे हैं.
दुष्प्रभावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान, झामुमो ने वादा किया था कि सभी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, लेकिन बाद में सरकार ने आयु सीमा को 50 वर्ष तक सीमित कर दिया.
इस योजना के लाभार्थी – समाज के कमजोर वर्ग की 18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाएं – को प्रति माह 2500 रुपये मिलते हैं. जदयू विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था अब अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि झपटमारी, चोरी और हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं. राय ने कहा कि मैंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था और सरकार ने इसे स्वीकार भी किया था, लेकिन इसे रोकने में विफल रही.



