


सरायकेला-खरसावां
Drinking Water and Sanitation Division Seraikela-Kharsawan की ओर से जिले में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों की मरम्मति के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान उपायुक्त Nitish Kumar Singh के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में संचालित किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा मरम्मति अभियान
अभियान के तहत 08 मई 2026 को विभिन्न ग्रामीण इलाकों में खराब पेयजल स्रोतों का निरीक्षण किया गया। तकनीकी टीमों ने चिन्हित स्थलों पर पहुंचकर कुल 22 खराब चापाकलों की मरम्मति की।
प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी को लेकर खराब चापाकलों और जलमीनारों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
चरणबद्ध तरीके से होगी सभी स्रोतों की मरम्मति
कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन में संबंधित टीमों को शेष खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों की भी जल्द मरम्मति करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, चरणबद्ध तरीके से सभी खराब पेयजल स्रोतों को दुरुस्त किया जाएगा ताकि ग्रामीण इलाकों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
लोगों को मिल रही राहत
इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिल रही है। लंबे समय से खराब पड़े चापाकलों के ठीक होने से कई गांवों में पेयजल की समस्या दूर होने लगी है।



