


सरायकेला-खरसावां : गर्मी के मौसम में जिले के लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े, इसे लेकर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार, 11 मई 2026 को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ‘जिला जल एवं स्वच्छता समिति’ की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ड्राई क्षेत्रों में तुरंत बहाल हो वैकल्पिक व्यवस्था
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के जिन ‘ड्राई क्षेत्रों’ (जहां पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है) में पानी की भारी किल्लत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को यह ताकीद की गई कि आम जनता को पानी के लिए भटकना न पड़े। इसके साथ ही, छूटे हुए सभी गांवों और टोलों को ‘नल-जल योजना’ से आच्छादित कर घर-घर पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम तेज करने को कहा गया है।
बंद पड़ी योजनाओं और चापाकलों की हो शीघ्र मरम्मत
डीसी ने जिले में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को चिन्हित कर उनकी तुरंत मरम्मत सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVM), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) के साथ-साथ 14वें और 15वें वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं के तहत निर्मित जो भी पेयजल आपूर्ति योजनाएं वर्तमान में किसी कारणवश बंद या खराब पड़ी हैं, उन्हें अविलंब दुरुस्त कर पुनः संचालित किया जाए।
शिकायतों का हो त्वरित निष्पादन, अधिकारी करें क्षेत्र भ्रमण
उपायुक्त ने विभिन्न माध्यमों से मिल रही पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेने और उन्हें एक निर्धारित समयावधि के भीतर निष्पादित (Solve) करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि:
-
वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण (Field Visit) करें और योजनाओं की भौतिक स्थिति का जायजा लें।
-
जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
-
योजनाओं के संचालन, रख-रखाव और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-
क्षेत्रीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त (DDC) सह निदेशक डीआरडीए अजय तिर्की, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता (JE), जिला समन्वयक और प्रखंड समन्वयकों समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।



