


seraikella : सरायकेला नगर क्षेत्र में जारी पेयजल संकट को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर तकनीकी एवं प्रबंधन संबंधी खामियां सामने आईं, जिससे जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया गया कि मोटर में तकनीकी खराबी आने और उसके जल जाने के कारण नगर क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित हो गई थी। इसके बाद नगर पंचायत, जुडको एवं पीएचईडी की संयुक्त टीम ने संयंत्र का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि स्विच पैनल, रिले और अन्य सुरक्षा उपकरणों की खराब स्थिति तथा नियमित रखरखाव के अभाव के कारण मोटर और विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त हुए।
निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि लगभग 5 एमएलडी क्षमता वाले जलापूर्ति तंत्र से वर्तमान में मात्र 2 एमएलडी जलापूर्ति की जा रही है। इससे नगरवासियों को लंबे समय से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त टीम ने पाया कि जल शोधन संयंत्र के स्थानांतरण और जुस्को विद्युत कनेक्शन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य भी वर्षों से लंबित हैं। इस पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पीएचईडी को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त करने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में उपाध्यक्ष अविनाश कवि, वार्ड पार्षद गौतम नायक, विक्रम मोदक, पीएचईडी के सहायक अभियंता ललित कुमार, कनीय अभियंता प्रकाश गुप्ता, जुडको के नयन मोदक तथा नगर पंचायत के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



