


Mumbai. कच्चे तेल के दाम में तेजी और वैश्विक स्तर पर कमजोरी के रुख से स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को तेज गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 2,497 अंक का गोता लगा गया, जबकि एनएसई निफ्टी 775 अंक लुढ़क गया। इसके साथ बाजार में पिछले तीन दिन से जारी तेजी पर विराम लगा। इस गिरावट से निवेशकों को 11.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पश्चिम एशिया में तेल एवं गैस संयंत्रों पर हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम में उछाल आया है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26 प्रतिशत का गोता लगाकर 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। जून, 2024 के बाद सेंसेक्स में एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट है। कारोबार के दौरान, यह 2,753.18 अंक टूटकर 73,950.95 अंक पर आ गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी भी 775.65 अंक यानी 3.26 प्रतिशत टूटकर 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 2,140 अंक चढ़ा था जबकि निफ्टी में 626 अंक की तेजी रही थी।
सेंसेक्स के साथ ही सर्राफा बाजार में भी गुरुवार को अभूतपूर्व गिरावट देखी गयी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आइबीजेए) 24 कैरेट सोना 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1.48 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, चांदी में 20,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गयी और यह 2.30 लाख रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फिनसर्व प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.75 प्रतिशत चढ़कर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गयी। यह वृद्धि कतर में एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक गैस संयंत्र और कुवैत में दो तेल रिफाइनरियों पर ईरान के हमले के बाद हुई।
ईरान ने बृहस्पतिवार को अपने पड़ोसी देशों के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले तेज कर दिए। उसने लाल सागर स्थित सऊदी अरब की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया और कतर के एलएनजी संयंत्रों और कुवैत की दो तेल रिफाइनरियों पर भी हमले किये। यह हमला इजराइल के उसके मुख्य प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमले के जवाब में किया गया।



