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Shravani Mela 2025 :श्रावणी मेला की तैयारी को 05 जुलाई तक करे पूर्ण-मंत्री

देवघर। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों को लेकर नगर विकास एवं आवास मंत्री  सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में 13 जून को देवघर परिसदन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देवघर और दुमका के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई और श्रद्धालुओं को उच्चस्तरीय सुविधाएं देने को लेकर निर्देश जारी किए गए।

मंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को सुलभ व सुरक्षित जलार्पण का अनुभव मिले, इसके लिए सभी तैयारियां 5 जुलाई तक पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला के दौरान वीआईपी और वीवीआईपी आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा, ताकि आम श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

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मुख्य निर्देश एवं निर्णय:

टेंट सिटी को भव्य और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि आवासन व्यवस्था प्रभावी हो।

पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, मिस्ट कूलिंग और इंद्र वर्षा सिस्टम की संख्या में इजाफा किया जाएगा।

क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू होगा, जिससे श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

देवघर-बासुकीनाथ के बीच आवागमन सुचारू रखने के लिए ज़िला व एनएच अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

नीर ट्रीटमेंट प्लांट और बेलपत्र रिसाइकल प्लांट को दोबारा चालू करने का निर्देश।

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तकनीकी उपयोग पर जोर:

मेला को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए AI आधारित कंट्रोल रूम, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन निगरानी, डिजिटल पवेलियन, और लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम जैसे अत्याधुनिक तकनीकी उपाय लागू किए जाएंगे। लगभग 200 AI कैमरे, 700 सामान्य कैमरे, 10 ड्रोन, और QR-बेस्ड शिकायत प्रणाली मेला क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे।

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अन्य निर्देश:

मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना केंद्र, और मातृत्व विश्राम गृह की स्थापना की जाएगी।

स्वच्छता, कूड़ा उठाव, पथ प्रकाश, और वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति को मजबूत किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैफिक ओपी, स्थायी पुलिस चौकियां, और स्वास्थ्य शिविरों की तैनाती सुनिश्चित होगी।

मंत्री सुदिव्य कुमार ने सभी विभागों से कहा कि आधुनिक तकनीक और समर्पण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालु बाबा नगरी से संतुष्ट और सुरक्षित अनुभव लेकर लौटें। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल आयोजन नहीं बल्कि राज्य की संस्कृति और सेवा भाव का प्रतीक है।

 

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