


बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेलवे अधोसंरचना को मजबूत करने और ट्रेनों के सुरक्षित एवं तेज संचालन के लिए लगातार नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेलखंड के अंतर्गत बन रही चौथी रेल लाइन परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।इस परियोजना के तहत सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती स्टेशनों के बीच 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब इस नई लाइन का आयुक्त, रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया।
CRS ने किया विस्तृत तकनीकी निरीक्षण
दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी (CRS) बी.के. मिश्रा ने 5 और 6 मार्च 2026 को इस नई रेल लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत सारागांव देवरी स्टेशन से की गई।इस दौरान उन्होंने स्टेशन के केबिन, पैनल रूम और यार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने निरीक्षण दल के साथ सारागांव देवरी से सक्ती तक नई चौथी रेल लाइन का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया।
सिग्नलिंग और ओएचई व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने रेलवे की सुरक्षा और संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया। इसमें इंटरलॉकिंग प्रणाली, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE), पुल-पुलिया, समपार फाटक और सिग्नलिंग उपकरण शामिल रहे।उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
हाई-स्पीड ट्रायल भी हुआ सफल
निरीक्षण के बाद सक्ती से सारागांव देवरी स्टेशन के बीच ओएमएस कोच के माध्यम से हाई-स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया। इस ट्रायल के दौरान नई रेल लाइन की स्थिरता, सुरक्षा और तकनीकी क्षमता की जांच की गई।
जल्द शुरू होगा ट्रेन संचालन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार CRS से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस नई चौथी रेल लाइन पर यात्री और मालगाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।नई लाइन शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेलखंड की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा तथा माल परिवहन में भी तेजी आएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) मुदित भटनागर, मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर राकेश रंजन, मुख्यालय एवं निर्माण संगठन के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।




