


- पुलिस की छवि बनाने में जुटे डीजीपी की पहल को आदित्यपुर में पुलिसकर्मी लगा रहे पलीता
- जनता को इंतजार है एसपी, डीजीपी, मुख्यमंत्री के उस एक्शन का, जो सरकार व पुलिस की छवि तय करेगी
जमशेदपुर : राज्य में सरकार तो जनता की है लेकिन कानून का पालन सुनिश्चित कराने वाली सरकारी मशीनरी ही कानून से ऊपर नजर आ रही है. हम बात कर रहे हैं कि एक वायरल वीडियो की जिसमें पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति बाईक सवार को लात- घूंसों से पीटता नजर आ रहा है. वहां भीड़ तमाशा देख रही है और वर्दी पहने व्यक्ति को सामने की बोलेरो से एक आवाज आती है चलो, उसके बाद वह बोलेरो से चला जाता है. यहां चर्चा है कि आम तौर पर बोलेरो का प्रयोग थानेदार करते हैं.
सूत्रों की माने तो उक्त बोलोरो आदित्यपुर थाना की है. जिसमें वर्दी वाला युवक को पीटकर जवान आदित्यपुर थाना का चालक कृष्णा महतो हैं. इस वायरल वीडियो के लोकेशन व हकीमत की पुष्टि लहरचक्र नहीं करता. वायरल वीडियो और चल रही चर्चाओं के अनुसार जो कहानी बयां हो रही है वह पुलिस की शर्मनाक तस्वीर पेश कर रही है. वहभी आदित्यपुर जैसे इलाके में जहां के तेज-तर्रार प्रभारी राजीव जनता के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं.
तब क्या माना जाये पुलिस असंवेदनशील हो चुकी है या वर्दी में कुछ लोग अपने को कानून से ऊपर समझने लगे हैं. अब घटना के बाद जनता का सवाल है कि आखिर उस मोटरसाइकिल सवार युवक की क्या गलती हो सकती है ? उसने ऐसी क्या गलती कर दी जिसकी सजा कानून की वर्दी में एक जवान ने तय कर दी? तो बोलेरो में बैठा अधिकारी-जवान कौन था? अगर बोलेरो में कोई अधिकारी बैठा था तो नि:संदेह यह घटना की पूरी जिम्मेदारी उनकी है ?
अब सवाल यह उठाया जा रहाहै कि जब पुलिसकी इसमें संलिप्त है तो वायरल वीडियो की जांच करेगा कौन ? पुलिस की संवेदनहीनता पर जिले एसपी संज्ञान लगें? पुलिस का चेहरा बदलने में जुटे डीजीपी नीरज क्या इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे? मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचायी जायेगी ? जनता को इंतजार है एसपी, डीजीपी, मुख्यमंत्री के उस एक्शन का जिस पर घटना के बाद पुलिस की छवि, सरकार की संवेदनशीलता और जनता के प्रति उसकी जबावदेही तय होगी.



