


Mumbai. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का घरेलू शेयर बाजार पर बहुत बुरा असर देखने को मिल रहा है. युद्ध की वजह से कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) ने मार्च में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआइ की यह निकासी फरवरी में उनके द्वारा की गयी खरीदारी के बाद देखने को मिली है.
फरवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा था. मार्च में जारी निकासी के साथ, 2026 में अबतक एफपीआइ भारतीय शेयर बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल चुके हैं. मार्च में (20 मार्च तक), एफपीआइ हर कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाल रहे. बताते चलें कि एफपीआइ ने पिछले साल अक्तूबर में 94,017 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी की थी.



