Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
    Lahar ChakraLahar Chakra
    • Home
    • Jamshedpur
    • State
      • Jharkhand
      • Bihar
    • National
    • Politics
    • Crime
    • Elections
    • Automobile
    Lahar ChakraLahar Chakra
    Home»Breaking News»Supreme Court: एहतियातन हिरासत राज्य के हाथ में असाधारण शक्ति, पर संयम से प्रयोग किया जाना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने दी नसीहत
    Breaking News

    Supreme Court: एहतियातन हिरासत राज्य के हाथ में असाधारण शक्ति, पर संयम से प्रयोग किया जाना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने दी नसीहत

    News DeskBy News DeskJune 8, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn
    Follow Us
    Google News Flipboard
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email
    New Delhi. सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एहतियातन हिरासत राज्य को दी गई एक असाधारण शक्ति है, जिसका प्रयोग संयम से किया जाना चाहिए. न्यायालय ने इसी के साथ केरल में धन उधार देने में लिप्त एक व्यक्ति को हिरासत में लेने के आदेश को खारिज कर दिया. न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा कि हिरासत प्राधिकारी द्वारा आदेश में बताई गई परिस्थितियां राज्य के लिए व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों में जमानत रद्द करने के लिए सक्षम अदालतों से संपर्क करने के लिए पर्याप्त आधार तो हो सकती हैं, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि इसके लिए उसे एहतियातन हिरासत में लेना उचित है.
    शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को सुनाए गए आदेश में कहा, ‘‘इसलिए, 20 जून, 2024 के हिरासत के आदेश और एर्णाकुलम स्थित केरल उच्च न्यायालय द्वारा पारित चार सितंबर, 2024 के विवादित फैसले को रद्द किया जाता है। इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अपील मंजूर की जाती है.पीठ ने रेखांकित किया कि एहतियातन हिरासत की शक्ति को संविधान में अनुच्छेद 22(3)(बी) के तहत मान्यता प्राप्त है। शीर्ष अदालत ने कहा, एहतियातन हिरासत का प्रावधान राज्य के हाथों में एक असाधारण शक्ति है, जिसका संयम से इस्तेमाल किया जाना चाहिए. यह किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को भविष्य में किसी अपराध के किए जाने की आशंका के आधार पर सीमित करता है, और इसलिए इसका उपयोग सामान्य परिस्थितियों में नहीं किया जाना चाहिए.
    WhatsApp Channel Join Now
    Telegram Group Join Now
    but should be used with restraint Supreme Court: Preventive detention is an extraordinary power in the hands of the state the Supreme Court advised
    Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link
    News Desk

    Related Posts

    Tata Motors: टाटा मोटर्स की कामर्शियल वाहन बिक्री मई में 17 प्रतिशत बढ़ी, कंपनी ने कुल 32,850 गाड़ियों की बिक्री की

    June 1, 2026

    Jharkhand Road Accident: झारखंड में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत, छह घायल

    June 1, 2026

    Jamshedpur: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पहुंचे जमशेदपुर, राज्यसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार पर बोले?

    June 1, 2026
    Recent Post

    Tata Motors: टाटा मोटर्स की कामर्शियल वाहन बिक्री मई में 17 प्रतिशत बढ़ी, कंपनी ने कुल 32,850 गाड़ियों की बिक्री की

    June 1, 2026

    Jharkhand Road Accident: झारखंड में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत, छह घायल

    June 1, 2026

    Jamshedpur: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पहुंचे जमशेदपुर, राज्यसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार पर बोले?

    June 1, 2026

    Hemant Soren: हेमंत सोरेन ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की, कहा- लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं

    June 1, 2026

    LPG Price Hike: पहली जून से महंगाई का झटका, कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर 42 रुपये महंगा, घरेलू रसोई गैस की दरों में बदलाव नहीं

    June 1, 2026
    Advertisement
    © 2026 Lahar Chakra. Designed by Forever Infotech.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Laharchakra Group