


Jamshedpur/Bhuvaneshvar.जमशेदपुर में खतरे के निशान के करीब बह रही स्वर्णरेखा नदी ओडिशा के बालासोर जिले में तबाही मचा रही है. यहां स्वर्णरेखा नदी की बाढ़ के कारण 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए है. यह बाढ़ झारखंड में भारी बारिश के बाद नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से आई है, जिससे पानी ग्रामीण इलाकों में घुस गया. राजघाट में स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान 10.36 मीटर से ऊपर 11.9 मीटर पर बना हुआ है, हालांकि यह धीरे-धीरे घट रहा है. प्रशासन द्वारा आम लोगों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है. बताया गया कि यह बाढ़ झारखंड स्थित चांडिल बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न हुई है.
अधिकारी ने बताया कि भोगराई, बलियापाल, बस्ता और जलेश्वर अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) के तीन प्रखंडों के 17 ग्राम पंचायत क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार है.अधिकारी ने कहा कि निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और स्थिति बिगड़ने पर पास के शरण स्थलों में जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.
जिला कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास ने सभी ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और तहसीलदारों को जरुरत पड़ने पर लोगों को संभावित बाढ़ ग्रस्त इलाके से निकालने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सूखा खाद्य सामग्री का वितरण भी तत्काल शुरू करने को कहा गया है.
मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) को पर्यात मात्रा में आवश्यक दवा रखने और स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को चांडिल बांध के सभी गेट की निगरानी और जल स्तर पर चौबीसों घंटे नजर रखने को कहा गया है, ताकि कोई भी संभावित संकट टाला जा सके.
नागरिक आपूर्ति अधिकारी (सीएसओ) को खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.



