


नयी दिल्ली. टाटा मोटर्स के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को यहां कंपनी की 80वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में प्रबंधन और अंशधारकों के साथ मिलकर एअर इंडिया विमान दुर्घटना के पीड़ितों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी. चंद्रशेखरन टाटा संस के भी अध्यक्ष हैं. उन्होंने कहा कि टाटा समूह को अपने पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा की कमी खलेगी, जिनका पिछले वर्ष निधन हो गया था. उन्होंने स्वर्गीय रतन टाटा को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक मार्गदर्शक और नेता बताया जिनके मूल्यों ने टाटा समूह को आकार दिया.
चंद्रशेखरन ने घोषणा की कि कंपनी कर्ज मुक्त हो गई है और इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक दो स्वतंत्र सूचीबद्ध संस्थाओं के रूप में काम करेगी.
अहमदाबाद में 12 जून को विमान दुर्घटना के बाद यह टाटा समूह की किसी कंपनी की पहली वार्षिक आम बैठक थी, जिसमें चंद्रशेखरन ने भाग लिया. वह समूह की दो अन्य कंपनियों – टीसीएस और टीसीपीएल – की वार्षिक आम बैठक में शामिल नहीं हुए थे, जो इस सप्ताह की शुरुआत में हुई थी. चंद्रशेखरन ने कहा कि आगे चलकर, आर्थिक चक्रों में अस्थिरता बनी रहेगी – व्यापक भू-राजनीतिक संघर्षों, सैन्य वृद्धि, आपूर्ति श्रृंखलाओं और शुल्क व्यवस्थाओं के पुनर्निर्धारण से लेकर कृत्रिम बुद्धिमता और ऊर्जा संक्रमण तक. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ये सभी व्यवधान कहीं और अधिक स्पष्टता से नजर आते हैं.
टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने घोषणा की कि कंपनी कर्ज मुक्त हो गई है और इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक दो स्वतंत्र सूचीबद्ध संस्थाओं के रूप में काम करेगी. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा मोटर्स जल्द ही दो सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित हो जाएगी – एक वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) पर केंद्रित होगी और दूसरी यात्री वाहनों (पीवी) और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) पर. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने समर्पित नेतृत्व और स्पष्ट रणनीतिक दिशा के साथ स्वतंत्र रूप से संचालन करने के लिए परिचालन को काफी सुव्यवस्थित किया है और प्रत्येक खंड को मजबूत किया है.वाणिज्यिक वाहन खंड के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसने ₹75,100 करोड़ का राजस्व और ₹8,800 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA अर्जित किया. इस प्रभाग ने ₹7,500 करोड़ का मुफ्त नकद प्रवाह दिया और 37.7% का मजबूत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) हासिल किया. जबकि व्यवसाय ने ट्रकों और बसों में बाजार हिस्सेदारी हासिल की, चंद्रशेखरन ने स्वीकार किया कि छोटे वाणिज्यिक वाहन खंड का प्रदर्शन कमज़ोर बना हुआ है और आने वाले वर्ष में कंपनी के लिए यह एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना हुआ.
एअर इंडिया पर की बात, हुए भावुक
उन्होंने अंशधारकों को संबोधित करते हुए कहा, …अब मैं कुछ विचार साझा करना चाहूंगा. आज बात करने के लिए बहुत कुछ है. सबसे पहले मैं चाहूंगा कि हम एअर इंडिया उड़ान (एआई) 171 त्रासदी से प्रभावित सभी परिवारों और प्रियजनों के साथ-साथ जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन रखकर शुरुआत करें. एक मिनट का मौन रखने के बाद चंद्रशेखरन ने अपना संबोधन पुनः शुरू किया और कहा, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं और मैं जानता हूं कि आपकी भी संवेदनाएं उनके साथ हैं. उन्होंने कहा, एक राष्ट्र के रूप में, एक समूह के रूप में और मानवीय स्तर पर हम सभी के लिए यह एक लंबा और अशांत सप्ताह रहा है, जिसमें हम एक ही समय में दुख, शोक और अनिश्चितता ने हमें झकझोर कर रख दिया है.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने नुकसान से भरे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, पिछले साल के अंत में हमने रतन टाटा को अंतिम विदाई दी, जिनके नेतृत्व में समूह ने अपने मूल्यों पर अडिग रहते हुए विस्तार किया. टाटा समूह के अध्यक्ष ने कहा, वह एक मित्र थे और ऐसे व्यक्ति थे जिनका मार्गदर्शन मैं चाहता था, जिनकी मनुष्यता की मैं प्रशंसा करता था और हर छोटी बात पर उनका ध्यान देना मुझे हमेशा प्रेरित करता रहेगा. उन्हें बहुत याद किया जाएगा.



