


New Delhi. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने सोमवार को कहा कि वह तमिलनाडु स्थित अपनी विनिर्माण इकाई में नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच से सात साल में अपनी कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 2.5 लाख इकाई सालाना करना है ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग को पूरा किया जा सके। टीएमपीवी ने बयान में कहा कि यह सुविधा अगली पीढ़ी के वाहनों (ईवी सहित) के उत्पादन के लिए एक नये संयंत्र के विकास के पहले चरण को दर्शाती है। यह संयंत्र टीएमपीवी और जेएलआर दोनों ब्रांड के लिए वाहन तैयार करेगा।
टाटा संस और टीएमपीवी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘पनपक्कम संयंत्र का उद्घाटन टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण में भारत के नेतृत्व को गति देने की टाटा समूह की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हमें तमिलनाडु के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के माध्यम से कंपनी भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए उत्कृष्ट गुणवत्ता, शिल्प कौशल और प्रौद्योगिकी वाले वाहनों का उत्पादन करने के लिए तत्पर है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस अवसर पर कहा, ‘‘टाटा समूह ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और तमिलनाडु के साथ इसकी गहरी ऐतिहासिक साझेदारी है। इस नयी विनिर्माण सुविधा में परिचालन शुरू होने और रानीपेट के पनपक्कम में पहली ‘रेंज रोवर इवोक’ के उत्पादन के साथ, राज्य को विश्वस्तरीय वाहन विनिर्माण के विस्तार का गवाह बनने पर गर्व है।स्टालिन ने कहा कि राज्य इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत करता है और उन उद्योगों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो रोजगार पैदा करते हैं और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।




