


Jamshedpur. सड़कों पर दौड़ रहीं पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को कबाड़ में बेचने के बजाय अब उनका वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा होगी और संसाधनों का दोबारा इस्तेमाल भी संभव होगा. इस बड़ी पहल के लिए टाटा समूह की दो दिग्गज कंपनियों, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स ने हाथ मिलाया है.इस पहल का उद्घाटन टाटा स्टील के औद्योगिक उप-उत्पाद प्रबंधन विभाग के कार्यकारी प्रभारी दीपांकर दासगुप्ता ने किया.
यह सुविधा झारखंड में अपनी तरह की पहली है, जो आम लोगों के साथ-साथ कंपनियों के लिए भी उपलब्ध होगी. ‘री-वाइ-री’ की टीम घर पर आकर पुरानी गाड़ी की जांच करेगी, उसकी उचित कीमत लगाएगी और गाड़ी को घर से उठाने से लेकर सभी कागजी कार्यवाही भी पूरी करेगी.
इसके बाद, गाड़ी के हर एक पुर्जे को पर्यावरण के नियमों के तहत पूरी तरह सुरक्षित तरीके से अलग-अलग कर रिसाइकिल या नष्ट किया जाएगा. यह पहल केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपेज नीति के अनुरूप है,



