जमशेदपुर: टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड के कर्मचारियों के वार्षिक प्रॉफिट बोनस 2025-26 को लेकर मंगलवार को बारा प्लांट के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता संपन्न हुआ। समझौते के तहत कर्मचारियों के बीच कुल ₹3.91 करोड़ की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

इस समझौते से ESS सहित कुल 682 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बोनस की अधिकतम राशि ₹1,02,185, जबकि न्यूनतम बोनस ₹48,400 निर्धारित किया गया है। औसत बोनस राशि ₹74,443 रहेगी।

5 अक्टूबर को खातों में पहुंचेगी बोनस राशि
समझौते के अनुसार कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि 5 अक्टूबर 2026 को भेजी जाएगी। बोनस समझौते में न्यू सीरीज के लिए ₹32,978 की राशि निर्धारित की गई है।
बोनस समझौते के प्रमुख आंकड़े:
- कुल बोनस राशि: ₹3.91 करोड़
- अधिकतम बोनस: ₹1,02,185
- न्यूनतम बोनस: ₹48,400
- न्यू सीरीज: ₹32,978
- औसत बोनस: ₹74,443
- कुल कर्मचारी: 682 (ESS सहित)
- बोनस भुगतान की तारीख: 5 अक्टूबर 2026
प्रबंधन और यूनियन ने किया समझौते पर हस्ताक्षर
समझौते के दस्तावेज पर प्रबंधन की ओर से CHRO करण लखानी और यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डेय सहित यूनियन सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर प्रबंधन की ओर से GM जयदेव चांद, चीफ आईआर संजय मजूमदार, हेड एचआर माया तिवारी, शाहिद, सुबरों, क्रांति, फैजल और गौरव बनर्जी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, यूनियन की ओर से महामंत्री त्रिदेव सिंह, सच्चिदानंद, प्रमोद उपाध्याय, राजेश कुमार, शशि मिश्रा, रंजन मिश्रा, शशि वीर राणा, अमन, दिनेश कुमार, मनोज कुमार सिंह, अरुण त्रिपाठी, कौशलेस कुमार, सतीश मुखी, उपेंद्र राय, अनीश झा और सी.बी. सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
राकेश्वर पाण्डेय ने कहा- कर्मचारियों की मेहनत को ध्यान में रखकर हुआ समझौता
यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डेय ने कहा कि वार्षिक प्रॉफिट बोनस को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में समझौता हुआ है। उनके अनुसार, कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और कंपनी की प्रगति में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए समझौता किया गया है।
उन्होंने कहा कि अधिकतम ₹1,02,185 और न्यूनतम ₹48,400 बोनस मिलना कर्मचारियों के लिए खुशी का विषय है। यूनियन कर्मचारियों के हितों और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है।
राकेश्वर पाण्डेय ने बताया कि 5 अक्टूबर को कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि पहुंच जाएगी। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल बनेगा।

