
New Delhi. टाटा स्टील यूके की 32 लाख टन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) परियोजना निर्धारित समय के अनुरूप आगे बढ़ रही है। हालांकि, संयंत्र के लिए आवश्यक बिजली आपूर्ति 2029 तक मिलने की उम्मीद है। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टी. वी. नरेंद्रन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोर्ट टैलबोट में 1.25 अरब पाउंड के निवेश से स्थापित की जा रही यह परियोजना पटरी पर है और 2028 तक तैयार हो जाएगी। हालांकि, बिजली आपूर्ति 2029 तक शुरू होने की उम्मीद है।
नरेंद्रन ने ऑनलाइन बातचीत में ने कहा कि कंपनी बिजली आपूर्तिकर्ता नेशनल ग्रिड के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि परियोजना को कुछ बिजली आपूर्ति पहले मिल सके। इससे संयंत्र के परीक्षण और अन्य प्रारंभिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकेंगी और बिजली ढांचे में होने वाली देरी का असर कम किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना स्थल पर अधिकांश ध्वस्तीकरण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि उपकरणों की आपूर्ति भी बेहतर तरीके से चल रही है। इस परियोजना के लिए उच्च क्षमता वाली बिजली उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।
ब्रिटेन सरकार से 50 करोड़ पाउंड के सहयोग से विकसित की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य पोर्ट टैलबोट संयंत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में लगभग 90 प्रतिशत की कमी लाना है, जिससे हर वर्ष करीब 50 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटेगा। उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील ने मई, 2024 में बिजली प्रणाली संचालक (ईएसओ) के साथ ग्रिड कनेक्शन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत नेशनल ग्रिड द्वारा बिजली पारेषण संयंत्र के लिए आवश्यक बिजली ढांचा बनाया जा रहा है। टाटा स्टील समूह देश के प्रमुख इस्पात उत्पादकों में से है। इसकी सालाना कच्चे इस्पात के उत्पादन की क्षमता 3.5 करोड़ टन है।
