जमशेदपुर।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और गहराते जल संकट के बीच, टाटा स्टील यूआईएसएल ने जमशेदपुर में एक महत्वाकांक्षी वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting – RWH) पहल शुरू की है, जो शहर को जल स्थिरता की ओर ले जाने का एक ठोस कदम है। इस पहल का उद्देश्य है भूजल स्तर को पुनः भरना, पेयजल की उपलब्धता बनाए रखना और शहर को जल-लचीला (Water Resilient) बनाना।
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पहल की आवश्यकता क्यों पड़ी?
शहरों में अनियमित वर्षा और भूजल का अत्यधिक दोहन गंभीर जल संकट को जन्म दे रहा है।
जमशेदपुर भी जल की मांग और आपूर्ति के असंतुलन से जूझ रहा है।
स्थायी जल प्रबंधन समय की मांग बन चुका है।
पहल के मुख्य बिंदु:
टाटा स्टील यूआईएसएल ने वर्षा जल संचयन प्रणाली को शहर के कई स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी क्षेत्रों में लागू किया है।
स्थानों में शामिल हैं:
जुस्को स्कूल कदमा, साउथ पार्क
सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट, दयानंद पब्लिक स्कूल
बेल्डीह लेक फ्लैट्स, ग्रीन एन्क्लेव, गोल्फ व्यू
सारनाथ तालाब, जेजीएम अस्पताल, एसएनटीआई लाइब्रेरी आदि।
प्रमुख संरचनाएं:
अनिलसुर पथ सफेद तालाब
सीएफई परियोजना स्थल
ये दो संरचनाएं 20,000 क्यूबिक मीटर से अधिक वर्षा जल हर वर्ष जमीन में वापस पहुंचाने में सक्षम हैं।
लाभ क्या हैं?
भूजल स्तर में सुधार और बोरवेल की उत्पादकता में वृद्धि
पानी के बिल में कमी, टैंकरों पर निर्भरता घटाना
जल-आत्मनिर्भरता, तूफानी जल प्रबंधन, मिट्टी कटाव में कमी
पेयजल संकट को टालना और शहरी जल पदचिह्न (Water Footprint) में कटौती
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भविष्य का लक्ष्य:
टाटा स्टील यूआईएसएल का उद्देश्य है 2030 तक “नेट पॉजिटिव वाटर इम्पैक्ट”, यानी वह जितना पानी उपयोग करता है, उससे अधिक वापस लौटाना।
यह पहल कंपनी के नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन, परिपत्र अर्थव्यवस्था और जैव विविधता संरक्षण के लक्ष्यों से भी जुड़ी है।
