


New Delhi. टाटा स्टील ने नियंत्रण योग्य लागतों को काबू में करके विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में 11,500 करोड़ रुपये की लागत कटौती का लक्ष्य रखा है. कंपनी के कार्यकारी निदेशक और सीएफओ कौशिक चटर्जी ने यह जानकारी दी. लागत में कटौती का मतलब लाभप्रदता और दक्षता में सुधार के लिए अनावश्यक खर्चों को कम करना है. कौशिक ने विश्लेषक के साथ बातचीत में कहा कि वह विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में कंपनी के लागत परिवर्तन कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे कि अब तक क्या किया गया है और अगले 12-18 महीनों में क्या लक्ष्य रखा गया है.
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान टाटा स्टील की सभी इकाइयों में संरचनात्मक लागत में लगभग 6,600 करोड़ रुपये की कटौती की गई. इसे निश्चित लागत में कटौती, विनिर्माण में दक्षता, खरीद में दक्षता और कम कोयला मिश्रणों के जरिये हासिल किया गया. सीएफओ ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हमारा ध्यान नियंत्रण योग्य कारकों पर है, और हम नियंत्रणीय लागतों पर ध्यान केंद्रित करके लगभग 11,500 करोड़ रुपये की लागत कटौती का लक्ष्य बना रहे हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब कंपनी ब्रिटेन और नीदरलैंड में हरित इस्पात बनाने के लिए संयंत्र की संरचना में बदलाव कर रही है और कलिंगनगर संयंत्र की क्षमता को बढ़ा रही है. कंपनी ने दो विदेशी बाजारों में पहले ही नौकरी में कटौती की घोषणा की है.



