


Jamshedpur.टाटा स्टील में अब महिला कर्मचारी तीनों शिफ्ट में ड्यूटी करेंगी। कंपनी प्रबंधन ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है. कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उनके कलिंगानगर प्लांट के आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स विभाग में सभी तीन शिफ्टों में महिला कर्मचारियों की सफल तैनाती की है. यह उपलब्धि औद्योगिक परिचालन में लैंगिक समानता की दिशा में कंपनी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. एक ऐसा क्षेत्र, जो पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान माना जाता रहा है.
जनवरी 2025 में टाटा स्टील कलिंगानगर ने 2023 बैच से 39 ट्रेड अप्रेंटिस का स्वागत किया, जिनमें से 26 महिलाएं थीं. इनमें से 18 को आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स विभाग में शामिल किया गया और उन्हें सुरक्षा, गुणवत्ता, डिस्पैच प्रक्रियाएं, इन्वेंट्री प्रबंधन और डिजिटल टूल्स से संबंधित कठोर प्रशिक्षण प्रदान किया गया. उनके ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में कक्षा आधारित सत्रों के साथ-साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी शामिल थी, जिससे वे फील्ड और सिस्टम-आधारित भूमिकाओं के लिए तैयार हो सकें.
कलिंगानगर के जीएम ऑपरेशन ने यह कहा
टाटा स्टील कलिंगानगर के जीएम ऑपरेशन करमवीर सिंह ने कहा कि तकनीकी प्रगति ने उन जिम्मेदारियों में महिलाओं के लिए समान अवसर पैदा किये हैं, जिन्हें अब तक पुरुष-प्रधान माना जाता था. महिलाएं इन अवसरों को न सिर्फ अपना रही हैं, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन भी कर रही हैं.
नोवामुंडी माइन का जिक्र
सितंबर 2019 में टाटा स्टील भारत की पहली कंपनी बनी, जिसने नोवामुंडी माइन में सभी शिफ्टों में महिला माइनिंग इंजीनियरों की तैनाती की. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने एक समावेशी और न्यायसंगत कार्यस्थल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया और कई उल्लेखनीय पहल शुरू कीं. नोवामुंडी आयरन माइंस में देश की पहली पूर्ण महिला शिफ्ट की शुरुआत, जो ‘विमेन@माइंस’ और ‘तेजस्विनी’ जैसे कार्यक्रमों की सफलता पर आधारित थी. इसके साथ ही, ‘फ्लेम्स ऑफ चेंज’ पहल के तहत टाटा स्टील ने महिला फायर फाइटर प्रशिक्षुओं को शामिल किया और भारत के इस्पात क्षेत्र की पहली पूर्ण महिला फायर फाइटिंग टीम का गठन कर एक नया इतिहास रचा.



