


Mumbai. Tata Steel ने सोमवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही में उसका समेकित इस्पात उत्पादन 5 प्रतिशत घटकर 7.45 मिलियन टन (MT) रह गया, जिसका मुख्य कारण यूके में कंपनी के परिचालन में चल रहे बदलाव हैं. कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में 7.85 मीट्रिक टन उत्पादन किया था, जिसमें से 0.31 मीट्रिक टन यूके प्लांट से आया था. वित्त वर्ष 2025 में भारत, नीदरलैंड, यूके और थाईलैंड में समेकित इस्पात उत्पादन वित्त वर्ष 2024 के 29.7 मीट्रिक टन से 3.53 प्रतिशत बढ़कर 30.75 मीट्रिक टन हो गया.
टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में समेकित बिक्री में 5.34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 2023-24 की अंतिम तिमाही में 7.86 मीट्रिक टन की बिक्री से 8.28 मीट्रिक टन अधिक है. पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की बिक्री वित्त वर्ष 24 में 29.16 मीट्रिक टन के मुकाबले 6 प्रतिशत बढ़कर 30.86 मीट्रिक टन हो गयी. टाटा स्टील के कलिंगनगर प्लांट में भारत के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस के चालू होने और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में उच्च इस्पात उत्पादन के कारण वित्त वर्ष 2025 में कच्चे इस्पात का उत्पादन 5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 21.8 मीट्रिक टन हो गया. वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में भारत में उत्पादन 5.51 मीट्रिक टन रहा, जो वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही के 5.40 मीट्रिक टन से कम है।
घरेलू स्टील की मांग में वृद्धि का लाभ उठाते हुए घरेलू डिलीवरी साल-दर-साल 19.91 मीट्रिक टन से बढ़कर लगभग 21 मीट्रिक टन हो गयी. तिमाही के दौरान घरेलू डिलीवरी वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही के 5.42 मीट्रिक टन से बढ़कर 5.6 मीट्रिक टन हो गयी.



