
Jamshedpur. पिंजरे में बंद जानवरों के साथ जनता की सहभागिता बढ़ाने की पहल के तहत टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसजेडपी) ने एक जनभागीदारी कार्यक्रम के माध्यम से बाघ के दो शावकों का नामकरण किया। प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी। बाघिन मेघना ने 27 नवंबर को दो मादा शावकों को जन्म दिया था। बीते 10 जनवरी को शुरू हुई चार दिवसीय सार्वजनिक नामकरण प्रक्रिया के बाद शावकों का नाम ‘तारा’ और ‘सारा’ रखा गया।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसजेडपी) के उप निदेशक नईम अख्तर ने बताया कि पहले चिड़ियाघर के जानवरों का नामकरण अधिकारियों द्वारा किया जाता था। उन्होंने कहा, हालांकि, लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए, हमने इस प्रक्रिया में नागरिकों को शामिल करने का निर्णय लिया।” यह दूसरी बार है जब जानवरों का नाम रखने की प्रक्रिया में लोगों को भी शामिल किया गया।
नागरिक सहभागिता के तहत टीएसजेडपी द्वारा 10 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आम जनता से नाम सुझाने के लिए आमंत्रण दिया गया। इस चार दिवसीय अभियान को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और कुल 550 से अधिक नाम प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। सुझाए गए नाम न केवल अर्थपूर्ण थे, बल्कि उनमें सांस्कृतिक जुड़ाव और स्थानीय भावनाओं की झलक भी साफ दिखाई दी। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में 27 नवंबर 2025 को बाघ रुद्र और बाघिन मेघना के यहां दो शावकों ने जन्म लिया था।
जन्म के बाद से ही दोनों शावक पशु चिकित्सकों की निगरानी और देखरेख में सुरक्षित रूप से पल रहे हैं। इस बीच, दोनों बाघिन शावकों की सेहत अच्छी बताई जा रही है. हाल ही में उनका कैनाइन डिस्टेंपर से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है। उनका वजन क्रमशः 7.34 किलोग्राम और 7.20 किलोग्राम दर्ज किया गया, जो उनके स्वस्थ विकास और वृद्धि को दर्शाता है। इस प्रकार की सहभागितापूर्ण पहलें न केवल वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, बल्कि आम जनता को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी सहायक होती हैं।