


नागपुर।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के अंतर्गत ट्रेन संख्या 12101 में ड्यूटी के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक (Dy. CTI/NGP) मृणाल चाफले ने दिनेश आर. पांडेय के साथ मिलकर कोच S/1 में दो बच्चों को संदिग्ध अवस्था में पाया। बच्चों की स्थिति को देखते हुए तत्काल सतर्कता बरती गई तथा कोच में उपस्थित यात्रियों से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों बच्चे कल्याण (महाराष्ट्र) के निवासी हैं बच्चे अपने घर से भागे हुए थे और अत्यंत भयभीत अवस्था में थे और उनके साथ कोई वैध अभिभावक उपस्थित नहीं था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रेलवे स्टाफ द्वारा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई, उन्हें सांत्वना दी गई तथा आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी गई। इसके पश्चात दोनों बच्चों को सुरक्षित रूप से शासकीय रेल पुलिस (GRP), गोंदिया को सौंप दिया गया, ताकि आगे की पूछताछ, आवश्यक कानूनी कार्रवाई एवं बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने इस सतर्क एवं मानवीय कार्रवाई के लिए संबंधित कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वहीं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री दिलीप सिंह ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों की सजगता एवं संवेदनशीलता के कारण एक गंभीर घटना को समय रहते टाला जा सका।
रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा, विशेषकर बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में निरंतर सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करता रहेगा।



