


Ranchi. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों से धान की खरीद में तेजी लाने और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्य में चावल मिलों की संख्या बढ़ा रही है. सोरेन, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो द्वारा धान खरीद के लिए किसानों को भुगतान में देरी के संबंध में विधानसभा में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.
महतो ने यह भी पूछा कि क्या सरकार धान खरीद के लिए एकमुश्त भुगतान प्रणाली लागू कर सकती है? खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के मंत्री इरफान अंसारी ने अपने जवाब में कहा कि सरकार जब धान खरीदती है तो पचास प्रतिशत भुगतान किसानों को जारी कर दिया जाता है और शेष राशि सत्यापन के बाद दी जाती है. एकमुश्त भुगतान प्रणाली लागू करने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है.
मामले में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से धान खरीदने से लेकर उसे चावल मिलों तक पहुंचाने तक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसानों को भुगतान किया जाता है.
सोरेन ने कहा कि कभी-कभी भंडारण के लिए जगह के अभाव और चावल मिलों की कमी के कारण खरीद और भुगतान में देरी होती है. इस समस्या से निपटने के लिए हम राज्य भर में चावल मिलों की संख्या बढ़ा रहे हैं, जिससे खरीद और भुगतान दोनों में तेजी लाने में मदद मिलेगी.



