


Vetican City. पोप फ्रांसिस का सोमवार सुबह निधन हो गया। कार्डिनल केविन फारेल ने यह घोषणा की जो वेटिकन ‘कैमरलेंगो’ हैं. कैमरलेंगो की पदवी उन कार्डिनल या उच्चस्तरीय पादरी को दी जाती है जो पोप के निधन या उनके इस्तीफे की घोषणा के लिए अधिकृत होते हैं. फारेल ने कहा, ‘‘रोम के बिशप, पोप फ्रांसिस आज सुबह 7.35 बजे यीशू के घर लौट गए. उनका पूरा जीवन यीशू और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित था.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि दुनिया भर में लाखों लोग उन्हें हमेशा करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद रखेंगे. उन्होंने अपनी विनम्र शैली और गरीबों के प्रति चिंता से दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया था. मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “परम पावन पोप फ्रांसिस के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. दुख और स्मरण की इस घड़ी में, वैश्विक कैथोलिक समुदाय के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. पोप फ्रांसिस को दुनिया भर के लाखों लोगों द्वारा करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा.
उन्होंने कहा, छोटी उम्र से ही उन्होंने प्रभु ईसा मसीह के आदर्शों को साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया था. उन्होंने गरीबों और दलितों की लगन से सेवा की, जो लोग पीड़ित थे, उनके मन में उन्होंने आशा की भावना जगाई. मोदी ने पोप के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि वह समावेशी और सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रेरित हुए.मोदी ने कहा, भारत के लोगों के प्रति उनका स्नेह हमेशा स्मरणीय रहेगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.



