


वेटिकन सिटी. पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में विश्व नेताओं और कैथोलिक अनुयायियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर शनिवार को उन्हें अंतिम विदाई दी. इस कार्यक्रम में पोप के रूप में फ्रांसिस की प्राथमिकताएं और पादरी के रूप में उनकी इच्छाएं प्रतिबिंबित हुईं. करीब 2,50,000 लोग प्रार्थना सभा में शामिल हुए और फ्रांसिस का ताबूत शहर के दूसरी ओर स्थित सेंट मैरी मेजर बेसिलिका लाये जाने के दौरान रास्ते में हजारों लोग कतार में खड़े नजर आए. इसके बाद ताबूत को स्विस गार्ड की सुरक्षा में चर्च के अंदर ले जाया गया.
इससे पहले, कॉलेज ऑफ कार्डिनल के डीन, कार्डिनल जियोवानी बतिस्ता रे (91) ने पोप फ्रांसिस को आम लोगों का पोप बताते हुए कहा कि वह ऐसे पादरी थे जो अनौपचारिक एवं सहज शैली में ‘हमारे बीच सबसे कमजो’ लोगों से संवाद करना जानते थे. फ्रांसिस ने कमजोर लोगों पर ध्यान दिया था, लेकिन उनके अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शक्तिशाली लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर मौजूद थे. कार्यक्रम में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, ब्रिटिश राजपरिवार के सदस्य राजकुमार विलियम और यूरोपीय संघ के नेता भी शामिल हुए. इसमें 160 से अधिक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही.



