


रांची. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेकेएलएम) के विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्य में बने डैमों के पानी का उपयोग उद्योग कर रहे हैं, लेकिन इस पानी का उपयोग कृषि कार्य के लिए कैसे हो इसे सरकार सुनिश्चित करे.
उन्होंने सरकार से गिरिडीह में बननेवाले डैम के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की. ताकि आसपास के क्षेत्रों में पेयजल समस्या का निदान हो सके. उन्होंने सदन को बताया कि राज्य में कुल कृषि योग्य भूमि 18.5 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से केवल दो लाख हेक्टेयर पर ही खेती होती है. इसमें से महज नौ प्रतिशत भूमि के लिए ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध है. विधायक ने कहा कि सिंचाई सुविधा में राष्ट्रीय औसत झारखंड से काफी अधिक 42.27 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसान अब भी मॉनसून पर निर्भर हैं. इसलिए वे केवल एक फसल धान ही उगा पाते हैं. उन्हें यदि दूसरी फसल के लिए पानी मिले तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
अजय बराज से अब तक नहीं मिला पानी : स्पीकर
स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने विभागीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि अजय बराज योजना उनके क्षेत्र में भी पड़ता है, लेकिन इस योजना से अब तक सिंचित क्षेत्रों को पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने मंत्री से इंजीनियरों की टीम भेजकर योजना की समीक्षा कराने को कहा.
अलग-अलग विभागों की जगह बने एकीकृत योजना : राज
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि पानी से संबंधित योजनाओं को राज्य के जल संसाधन, कृषि, ग्रामीण कार्य विभाग अलग-अलग योजनाएं नहीं बनाकर एकीकृत तरीके से बननी चाहिए. ताकि योजनाओं समय पर पूरा हो और योजनाओं में गड़बड़ी न हो सके. उन्होंंने सरकार से जल आयोग बनाने की मांग करते हुए कहा कि आयोग के जरिए जल का संरक्षण अभियान चलाकर किया जाए. जल संसाधन के बजट पर वाद-विवाद में कांग्रेस के नमन विक्स ल कोनगाड़ी, झामुमो के मंगल कालिंदी, आजसू के निर्मल महतो, लोजपा के जनार्दन पासवान, राजद के संजय सिंह यादव, कांग्रेस के राजेश कच्छप, झामुमो के सुखराम उरांव ने हिस्सा लिया. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही गुरुवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.



