



Ranchi. मंईयां योजना में हर दिन राज्य के अलग-अलग हिस्से में फर्जीवाड़ा के नये मामले सामने आ रहे हैं. अब राज्य सरकार इस योजना की विस्तृत जांच करा रही है. सामाजिक सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक विक्रम आनंद ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से जितनी संख्या में अयोग्य लाभुकों को चिह्नित किया गया है. संबंधित लोगों की लिस्ट प्रखंड व पंचायत स्तर पर चस्पां किये जाने का निर्देश दिया गया है. अगर किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो, तो वह प्रखंड व पंचायत स्तर पर अपनी शिकायत कर सकते हैं. नहीं तो अयोग्य पाये गये लाभुकों से सूद समेत राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
इधर, पलामू डीसी शशिरंजन के आदेश पर ‘मंईयां सम्मान योजना’ के लाभुकों की जांच की जा रही है. इस दौरान मात्र चार प्रखंडों में 584 अयोग्य लाभुक पाये गये हैं. जिला प्रशासन ने सभी प्रखंडों के बीडीओ को निर्देश दिया है कि जो भी अयोग्य लाभुक हैं, उन्हें चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करें. फर्जी तरीके से लाभ लेनेवालों से सूद के साथ राशि की वसूली की जाये. जांच में जानकारी मिली है कि जिनके परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी कर रहे हैं. उनके परिवार के सदस्य भी इस योजना का लाभ ले रहे थे. पारा टीचर, उनके परिवार के सदस्य भी इसका लाभ ले रहे हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य सहिया ने भी इस योजना का लाभ लिया है. इसकी पुष्टि जांच में हुई है. पलामू जिले में दिसंबर में तीन लाख 72 हजार 937 लाभुकों के खाते में राशि भेजी गयी है.
मगढ़ प्रखंड की नावाडीह पंचायत में मृत महिला उर्मिला देवी और एक अन्य महिला के खाते में मंईयां सम्मान योजना की राशि गयी है. इस संबंध में नावाडीह पंचायत के पंचायत सेवक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उर्मिला देवी की मौत तीन महीने पहले हुई है. उन्होंने कहा कि एक और अन्य महिला की भी मौत हुई है. कहा कि इसकी जांच की जा रही है कि मृत होने के बाद उसके खाते में कितनी राशि गयी है या नहीं. बताया कि इस संबंध में जांच कर रामगढ़ के बीडीओ को सूचना दे दी गयी है.


