


Jajpur. टाटा स्टील ने अपने कलिंगनगर स्टील प्लांट की क्षमता को मौजूदा 3 मिलियन टन से बढ़ाकर 8 मिलियन टन किया है. टाटा स्टील ने अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर 27,000 करोड़ रुपये लगाए हैं. प्लांट की कैपेसिटी दोगुना से ज्यादा बढ़ गई है. टाटा स्टील ने गुरुवार को ओडिशा के कलिंगनगर में अपने स्टील प्लांट के दूसरे चरण की शुरुआत की है. इसके साथ ही, ओडिशा टाटा स्टील का सबसे बड़ा इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन गया है. टाटा स्टील का यह प्लांट जाजपुर जिले में हैं. यह प्लांट एडवांस्ड हाई-स्ट्रेंग्थ स्टील पर फोकस करेगा, जो कि ऑटोमोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, शिपबिल्डिंग और डिफेंस सेक्टर की जरूरतों को पूरा करता है. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया.
टाटा स्टील के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन और सीनियर स्टेट लीडर्स भी इस मौके पर मौजूद थे। नरेंद्रन ने कहा, ‘कलिंगनगर हमारे लिए एक मैन्युफैक्चरिंग साइट से कहीं ज्यादा है. यह इस बात का प्रतीक है कि जब कम्युनिटीज, सरकार और इंडस्ट्री साथ मिलकर काम करती हैं तो क्या संभव है. यह विस्तार ओडिशा की क्षमता में हमारे गहरे भरोसे को दर्शाता है.टीवी नरेंद्रन ने कहा, कलिंगानगर हमारे लिए केवल एक उत्पादन स्थल नहीं है. यह इस बात का प्रतीक है कि जब समुदाय, सरकार और उद्योग एकजुट होकर कार्य करते हैं तो क्या कुछ संभव हो सकता है.
यह विस्तार ओड़िशा की अपार संभावनाओं में हमारे गहरे विश्वास और इस राज्य के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री, ओड़िशा की जनता और भारत सरकार के निरंतर सहयोग के लिए आभार प्रकट करते हैं कि हम मिलकर केवल इस्पात नहीं, बल्कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे हैं. टाटा स्टील कलिंगानगर, भारत के सबसे आधुनिक और उन्नत एकीकृत इस्पात संयंत्रों में से एक होने के नाते, सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी सशक्त समर्थन प्रदान करता है. यह संयंत्र रक्षा, ऑटोमोबाइल, अवसंरचना, अभियांत्रिकी, पूंजीगत वस्तुओं, तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा तथा जहाज निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विश्वस्तरीय इस्पात उत्पादन की क्षमता रखता है.
देश का सबसे बड़ा होगा नया ब्लास्ट फर्नेस
कलिंगानगर में स्थापित नया ब्लास्ट फर्नेस, 5,870 घन मीटर की क्षमता के साथ देश का सबसे बड़ा है. यह उन्नत तकनीक से युक्त है. जिसे दीर्घकालिक संचालन, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. ब्लास्ट फर्नेस देश का पहला ऐसा यूनिट है. जिसमें चार टॉप कंबशन स्टोव्स का उपयोग किया गया है. साथ ही दो प्रीहीटिंग स्टोव्स भी लगाये गये है. जो हॉट मेटल उत्पादन में ईंधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर बनाए रखने में सहायक हैं.
नीलाचल इस्पात का भी विस्तार
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 20 अन्य औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इनमें नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) का 61,769 करोड़ रुपये के निवेश से इस्पात संयंत्र का विस्तार भी शामिल है. एक अधिकारी ने बताया कि यह इकाई क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात विनिर्माण इकाई बनने के लिए तैयार है और इससे प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के 14,000 अवसर सृजित होने की उम्मीद है.



