


Mumbai. वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेतों से पैदा हुए बिकवाली के दबाव में बृहस्पतिवार को स्थानीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 645 अंकों के नुकसान में रहा जबकि निफ्टी में 204 अंकों की गिरावट रही. विश्लेषकों के मुताबिक, बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और अमेरिका में ऋण चिंताओं का असर भारतीय बाजारों पर देखा गया.
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 644.64 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,951.99 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 1,106.71 अंक गिरकर 80,489.92 के स्तर तक आ गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 203.75 अंक यानी 0.82 प्रतिशत गिरकर 24,609.70 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और मारुति के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए.
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “अमेरिका में प्रस्तावित बजट विधेयक से राष्ट्रीय ऋण में खासी बढ़ोतरी होने और बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने की आशंका हावी होने से मानक सूचकांकों में गिरावट देखी गई. एक प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा अमेरिकी ऋण परिदृश्य को घटाने से भी एशियाई बाजारों में व्यापक रूप से बिकवाली हुई.
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए. यूरोप के बाजार भी नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे. बुधवार को अमेरिकी बाजार खासी गिरावट के साथ बंद हुए थे.



