


जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से टाटा-गोड्डा एक्सप्रेस ट्रेन को सावन माह के दौरान प्रतिदिन सुल्तानगंज (बाबाधाम) तक चलाने की मांग को लेकर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर निदेशक सुनील कुमार से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने किया। उन्होंने यह मांग पत्र गार्डेनरीच स्थित रेल महाप्रबंधक के नाम सौंपा।
आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि श्रावणी मेले में बाबाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए टाटा-गोड्डा एक्सप्रेस का प्रतिदिन संचालन आवश्यक है। इससे झारखंड और आसपास के जिलों से देवघर आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय रेल संपर्क और यात्री सुविधा का भी मुद्दा है।
इसके अलावा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने टाटानगर स्टेशन के विस्तारित विकास योजना के तहत संभावित बड़े पैमाने पर होने वाले विस्थापन को लेकर भी चिंता व्यक्त की। आनंद बिहारी दुबे ने रेल महाप्रबंधक के नाम एक अलग पत्र सौंपा, जिसमें विस्थापित होने वाले लोगों के लिए पुनर्वास की ठोस योजना बनाने की मांग की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास का विरोध नहीं है, लेकिन इसमें स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “रेलवे को उच्चतम न्यायालय के गाइडलाइंस के अनुसार पुनर्वास सुनिश्चित करना चाहिए। बिना पुनर्वास किसी को उजाड़ना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि अमानवीय भी है।”
जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे विभाग आम यात्रियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। टाटानगर पहुंचने वाली कई ट्रेनें चांडिल और केंड्रा स्टेशनों पर घंटों देर से रुकती हैं, जिससे यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, विकास कार्यों के नाम पर बार-बार ट्रेनें रद्द हो रही हैं, जिससे आम जनता का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल रहे, जिनमें ब्रजेंद्र कुमार तिवारी, संजय सिंह आज़ाद, आशीष ठाकुर, राजनारायण यादव, नलिनी सिन्हा, सुरज मुंडा, चांद खान, और अन्य पार्टी कार्यकर्ता प्रमुख थे।



