


New Delhi. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को 67 वर्ष की हो गईं. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी तथा वंचितों को सशक्त बनाने के लिए उनके कार्यों की सराहना की. राष्ट्रपति मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज के उपरबेड़ा गांव में हुआ था. उन्होंने 25 जुलाई 2022 को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली; इसी के साथ वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्राध्यक्ष बन गईं. राष्ट्रपति वर्तमान में उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. उन्होंने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के एक संस्थान का दौरा किया. मुर्मू में संस्थान में आयोजित समारोह में कहा कि सरकारी नीतियां दिव्यांग लोगों को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई हैं. राष्ट्रपति ने दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा उन्हें जन्मदिन की बधाई देने के लिए गीत गाए जाने के बाद कहा कि कि भारत का इतिहास दया और समावेशिता के उदाहरणों से भरा पड़ा है. उन्होंने बच्चों से शिक्षा के माध्यम से सशक्त होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने को कहा .
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी आंखों से तो पानी रोके नहीं रुका. मुझे लगता है कि वे गले से नहीं गा रहे थे, वे अपने ह्रदय से गा रहे थे. जैसे सरस्वती उनके गले में बैठकर गा रही थीं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. उनका जीवन और नेतृत्व देश भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है. जनसेवा, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता सभी को हिम्मत देती है और आशा की किरण है.’
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘उन्होंने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए हमेशा काम किया है. उनके दीर्घायु होने की कामना करता हूं.’राष्ट्रपति मुर्मू ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, माननीय राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. आपके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना करता हूं.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय, गरीबों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास के प्रति मुर्मू की दृढ़ प्रतिबद्धता राष्ट्र को प्रेरित करती रहेगी.



