


New Delhi. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने कृष्ण मेनन मार्ग स्थित भारत के सीजेआइ के आधिकारिक आवास को खाली कराने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है. उसने कहा है कि पूर्व सीजेआइ डीवाई चंद्रचूड़ वहां निर्धारित अवधि से अधिक समय से रह रहे हैं. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को एक जुलाई को भेजे गये पत्र में शीर्ष अदालत प्रशासन ने कहा कि भारत के वर्तमान सीजेआइ के लिए निर्दिष्ट आवास को खाली कराया जाए. पत्र में कहा गया है कि नियम के तहत, भारत के सेवानिवृत्त सीजेआइ अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए टाइप-7 बंगला रख सकते हैं.
यह अवधि इस साल 10 मई को खत्म हो गयी थी. उन्हें 31 मई तक अतिरिक्त समय के लिए बंगले में रहने की इजाजत दी गयी थी. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ नवंबर 2022 और नवंबर 2024 के बीच 50वें सीजेआइ थे. वह पद छोड़ने के लगभग आठ महीने बाद भी भारत के प्रधान न्यायाधीश के आधिकारिक आवास में रह रहे हैं.
बंगले में रहने के लिए ली थी अतिरिक्त अवधि की अनुमति : पिछले साल 18 दिसंबर को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने तत्कालीन सीजेआइ संजीव खन्ना को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि उन्हें 30 अप्रैल 2025 तक आवास में रहने की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा था कि हालांकि उन्हें तुगलक रोड पर दूसरा आवास आवंटित किया गया है, लेकिन उसके नवीनीकरण का काम हो रहा है. तत्कालीन सीजेआइ खन्ना ने अपनी मंजूरी दी, जिसके बाद बंगले को दिसंबर 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक लगभग 5,000 रुपये प्रति माह लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर अपने पास रखने की अनुमति मिली.
इसके बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश खन्ना से 31 मई तक उसी आवास में निवास करते रहने का मौखिक अनुरोध किया, जिसे इस शर्त के साथ मंजूरी दी गयी कि आगे कोई विस्तार नहीं दिया जायेगा.



