


JAMSHEDPUR ।
जमशेदपुर। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आज विभिन्न प्रखंडों तथा शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनी। उपायुक्त से मुलाकात के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर के कई वार्डों तक के लोगों ने अपनी-अपनी मांगें और शिकायतें रखते हुए त्वरित समाधान की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अलग-अलग विषयों पर आवेदन दिए। इनमें बागबेड़ा जलापूर्ति योजना की स्थिति, स्वरोजगार के लिए सहयोग, राशन कार्ड अपडेट, निजी स्कूलों में नामांकन, दिव्यांगजनों के लिए ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने, कृषि ऋण, दाना गोदाम निर्माण, नाली निर्माण से संबंधित समस्याएं, पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ, तथा लंबित वेतन भुगतान शामिल रहे।
इसके अलावा कई लोगों ने एक्स-सर्विसमैन के लिए भूमि आवंटन, पेयजल आपूर्ति में सुधार, अवैध गोदाम संचालन, सड़क मरम्मतीकरण, एनओसी निर्गमन और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सूचनाओं पर भी शिकायतें दर्ज कराईं। स्कूल फीस बढ़ोत्तरी को लेकर भी अभिभावकों ने अपनी परेशानी बताई और राहत की मांग की।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने प्रत्येक नागरिक को धैर्यपूर्वक सुना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हर आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनता को सुविधाएं सरल, पारदर्शी और तय समय में मिलें।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में कोई देरी न हो। उपायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ शिकायत सुनने का माध्यम नहीं बल्कि समाधान देने की प्रक्रिया है, इसलिए हर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता से निभाए।
जन शिकायत निवारण दिवस में आए कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर दिया गया। कुछ आवेदनों का निपटारा संबंधित अधिकारियों द्वारा उसी समय किया गया, जिससे लोगों ने संतोष व्यक्त किया। उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने नागरिकों को उनकी शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और आगे आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी उपलब्ध कराई। समाहरणालय परिसर में आयोजित यह दिवस जनभागीदारी और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद का एक अहम माध्यम साबित हुआ।



