


Ranchi.टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Steel को रामगढ़ स्थित जिला खनन कार्यालय से बड़ा झटका लगा है। कंपनी को 1,755.10 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस मिला है, जिसकी जानकारी उसने शनिवार को अपनी नियामकीय फाइलिंग में दी। यह मामला वेस्ट बोकारो कोलियरी से जुड़े कोयला खनन का है। आरोप है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2000-01 से 2006-07 के बीच तय लिमिट से ज्यादा कोयला निकाला। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च 2026 को जारी यह नोटिस कंपनी को 3 अप्रैल को मिला। इसमें कहा गया है कि इस दौरान टाटा स्टील ने करीब 1.62 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा कोयला परमिटेड लिमिट से ज्यादा निकाला।
सुप्रीम कोर्ट के पुराने मामले से जुड़ा है विवाद
टाटा स्टील ने बताया कि यह डिमांड नोटिस उन्हीं आधारों पर जारी किया गया है, जिनका जिक्र कॉमन कॉज वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया मामले में किया गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन और तय लिमिट से ज्यादा उत्पादन पर सख्त रुख अपनाया था। इसी तरह के आरोपों के आधार पर अब कंपनी को यह नोटिस मिला है।
कंपनी ने आरोपों को किया खारिज
टाटा स्टील ने साफ कहा है कि वह इस डिमांड से सहमत नहीं है। कंपनी का मानना है कि इस नोटिस का कोई मजबूत आधार नहीं है। अपने बयान में कंपनी ने कहा कि यह मांग उचित नहीं है और इसके पीछे ठोस वजह भी नहीं है। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ेगी। टाटा स्टील इस नोटिस को अदालत या अन्य संबंधित मंचों पर चुनौती देगी। यानी आने वाले समय में इस मामले को लेकर कानूनी प्रोसेस शुरू हो सकती है।




