


जमशेदपुर: झारखंड के खेल प्रेमियों और पूरे राज्य के लिए यह एक बेहद गर्व का क्षण है। जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC) के शानदार लेफ्ट-बैक खिलाड़ी निखिल बारला को पहली बार भारतीय सीनियर नेशनल फुटबॉल टीम में शामिल किया गया है। निखिल का यह ऐतिहासिक चयन लंदन में होने वाले प्रतिष्ठित ‘यूनिटी कप’ (Unity Cup) के लिए किया गया है।
लंदन के नेशनल कैंप में दिखाएंगे अपना दम
22 वर्षीय निखिल बारला जल्द ही लंदन में राष्ट्रीय टीम के ट्रेनिंग कैंप से जुड़ेंगे। वहां वह भारतीय टीम के हेड कोच खालिद जमील के मार्गदर्शन में अभ्यास करेंगे और टूर्नामेंट की तैयारियों को धार देंगे। भारतीय टीम में यह कॉल-अप पिछले कुछ सीज़न में निखिल के निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन और खेल के प्रति उनके समर्पण का सबसे बड़ा इनाम है।
खूंटी के मैदानों से टाटा फुटबॉल एकेडमी तक का सफर
निखिल बारला की सफलता उनके कड़े संघर्ष और अटूट लगन की कहानी बयां करती है। झारखंड के खूंटी जिले के छोटे से मैदानों से शुरुआत कर रांची तक का सफर तय करने वाले निखिल ने अपनी स्किल्स को निखारा। इसके बाद उन्होंने देश की मशहूर टाटा फुटबॉल एकेडमी (Tata Football Academy) में अपनी जगह पक्की की। इसी एकेडमी में उनके बेहतरीन खेल ने जमशेदपुर एफसी के दरवाजे खोले, जहां उन्होंने इंडियन सुपर लीग (ISL) में नियमित लेफ्ट-बैक के रूप में अपनी धाक जमाई।
जमशेदपुर एफसी के सबसे भरोसेमंद डिफेंडर निखिल मैदान पर अपने शानदार वर्क रेट, तेज ओवरलैपिंग रन और जबरदस्त डिफेंसिव अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण वह जमशेदपुर एफसी (जिन्हें ‘मेन ऑफ स्टील’ कहा जाता है) के लिए एक बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं। क्लब स्तर पर शानदार सफलता के बाद अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
झारखंड के युवा खिलाड़ियों के लिए बनी बड़ी प्रेरणा
पूरे झारखंड के युवा फुटबॉलरों के लिए निखिल बारला का यह सफर सिर्फ एक टीम चयन नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। राज्य के स्थानीय मैदानों से निकलकर लंदन के नेशनल कैंप तक पहुंचने की उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर प्रतिभा और कड़ी मेहनत हो, तो झारखंड के खिलाड़ी दुनिया के सर्वोच्च स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। यूनिटी कप नजदीक है, ऐसे में निखिल बारला की कोशिश हेड कोच खालिद जमील को प्रभावित करने की होगी। अगर उन्हें मौका मिलता है, तो झारखंड का यह युवा खिलाड़ी इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए अपना ऐतिहासिक डेब्यू करेगा।



