


हाजीपुर। पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) प्रशासन अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों के कल्याण को लेकर लगातार गंभीर और संवेदनशील रुख अपना रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार, 16 जून 2026 को हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेल मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के रेलकर्मियों ने सीधे महाप्रबंधक (General Manager) से मुलाकात कर अपनी विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
मुख्यालय में जनसुनवाई, 4 रेलकर्मियों व आश्रितों ने रखी अपनी बात
मंगलवार को हाजीपुर मुख्यालय (Hajipur Headquarters) में आयोजित इस विशेष मुलाकात सत्र में कुल 04 रेलकर्मियों और उनके आश्रितों ने महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। कर्मचारियों ने सेवाकाल, स्थानांतरण, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, चिकित्सा सुविधाओं और पेंशन से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मामलों से महाप्रबंधक को विस्तार से अवगत कराया। कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे।
महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह का अधिकारियों को सख्त निर्देश
रेलकर्मियों की समस्याओं को पूरी गंभीरता और धैर्य के साथ सुनने के बाद महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने त्वरित कदम उठाए। उन्होंने मुख्यालय में मौजूद संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रेलकर्मी या उनके आश्रितों की फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और एक निर्धारित समय सीमा (Time-bound Resolution) के भीतर हर हाल में मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
हर मंगलवार को होता है महाप्रबंधक से सीधा संवाद
पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं के पारदर्शी और त्वरित समाधान के लिए एक बेहतरीन व्यवस्था लागू की है। विदित हो कि रेलकर्मियों की समस्याओं के निष्पादन के उद्देश्य से महाप्रबंधक से मुलाकात करने के लिए सप्ताह में प्रत्येक मंगलवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित किया गया है।
कैसे करें मुलाकात के लिए पंजीकरण?
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई गई है:
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इच्छुक रेलकर्मी को सबसे पहले पूर्व में अपना नाम कार्मिक विभाग (Personnel Department) में पंजीकृत करवाना होता है।
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पंजीकरण के बाद उन्हें मंगलवार को महाप्रबंधक से मुलाकात का समय दिया जाता है।
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इस व्यवस्था से कर्मचारी बिना किसी झिझक के सीधे शीर्ष प्रबंधन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है और कार्य क्षमता में सुधार होता है।
इस तरह की नियमित जनसुनवाई से रेल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच एक मजबूत विश्वास कायम हो रहा है, जिसका सीधा असर रेलवे के सुचारू संचालन पर देखने को मिल रहा है।



