


Jamshedpur. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रघुवर दास ने मंगलवार को आरोप लगाया कि झारखंड की झामुमो नीत सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग पर चुप है। उन्होंने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री रहते एक भी प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने नहीं आया था। ओडिशा के पूर्व राज्यपाल ने कहा, ‘मैं जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने का स्वागत करता हूं, लेकिन झारखंड के छात्रों की सीबीआई जांच की प्रमुख मांग पर सरकार चुप है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘झूठी’ घोषणाएं कर छात्रों को गुमराह कर रही है।
दास ने कहा, ‘‘जेएसपीसी की परीक्षाएं रद्द करने संबंधी अधिसूचना जारी करने का अधिकार उसके कार्य नियमों के अनुसार आयोग के पास ही है। जेपीएससी एक संवैधानिक निकाय है। राज्य सरकार संबंधित विभागों में नियुक्तियों के लिए केवल जेपीएससी को मांगपत्र भेजती है। उन्होंने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) इस समय निष्क्रिय है। दास ने कहा, ‘जेपीएससी के अध्यक्ष जेल में हैं और सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है।’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरे कार्यकाल में न तो एक भी प्रश्नपत्र लीक हुआ और न ही इस तरह का कोई प्रदर्शन हुआ।’’ राज्य सरकार ने सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार ने इसके साथ ही बाहरी एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी परिणामों को भी रद्द करने का फैसला किया था।

