


Jamshedpur.लगातार बारिश और डैम के फाटक खुलने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। तटीय और निचले इलाकों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, नदी किनारे न जाने और आपात स्थिति में निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बाढ़ का पानी अब केवल तटीय झुग्गियों तक सीमित न रहकर शहर के पॉश इलाके बिष्टुपुर के निचले रिहाइशी क्षेत्रों में भी तेजी से प्रवेश कर गया है। बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो, बागबेड़ा और आदित्यपुर की बस्तियों के 800 से अधिक मकानों में नदी का पानी भर जाने से पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने पूरे जमशेदपुर और आदित्यपुर क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया है। उपायुक्त के निर्देश पर एनडीआरएफ (NDRF), गोताखोरों और राहत दस्तों को नावों के साथ तैनात कर दिया गया है।
जेएनएसी, मानगो नगर निगम, जुगसलाई और आदित्यपुर नगर निकायों ने 25 से अधिक शेल्टर होम बनाए हैं, जहां प्रभावित लोगों के लिए पका हुआ भोजन, जनरेटर, लाइट, शुद्ध पेयजल और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। जेएनएसी के नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की हैं।

