


जमशेदपुर।
झारखंड के रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बात की और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास आरएसएस कार्यालय पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह हमला वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण जिहादियों को दी जा रही छूट का नतीजा है। यह हमला केवल आरएसएस के कार्यालय पर हुआ हमला ही नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रवाद पर हमला है। इस हमले में जान माल की बड़ी क्षति हो सकती थी, लेकिन बम के नहीं फटने से बड़ी दुर्घटना टल गई। इस घटना से आस पास के लोगों में भी दहशत का माहौल है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बंगलादेशी घुसपैठिये तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बंगाल में भाजपा सरकार के द्वारा खदेड़े जाने पर घुसपैठियों की पनाहगार बन गया है झारखंड। जब हम बंगलादेशी घुसपैठियों की बात करते हैं, तो हमारा मकसद राष्ट्र सुरक्षा और राज्य की सुरक्षा से जुड़ा होता है। जबकि झामुमो, कांग्रेस और राजद वोट बैंक और तुष्टिकरण से ग्रसित होकर मौन साध लेते हैं।
राज्य सरकार से मांग करता हूं कि जिहादी मानसिकता वाले दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो। मैंने राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्र से बात कर इसके लिए एसआइटी के तत्काल गठन का आग्रह किया, ताकि दोषियों को तो पकड़ा ही जा सके, इसके पीछे की षडयंत्र का भी पर्दाफाश किया जा सके। ऐसा होने पर जिहादियों में डर पैदा होगा और आनेवाले समय में कभी भी किसी सामाजिक या राजनीतिक दल के लोगों और कार्यालयों पर हमले नहीं होंगे।



