


जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने खनिज तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के पन्ना (Emerald) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.095 किलोग्राम (1095 ग्राम) पन्ना के छोटे-छोटे टुकड़े बरामद किए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी, जो ओडिशा के मयूरभंज का रहने वाला बताया जा रहा है, मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गुप्त सूचना पर बस स्टैंड के पास हुई घेराबंदी
ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल ने रविवार को एसएसपी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर बहरागोड़ा बस स्टैंड के पास एक खरीदार को बेशकीमती पन्ना बेचने आने वाले हैं। सूचना के आधार पर घाटशिला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर 11 जुलाई को बस स्टैंड के समीप घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही दो दोपहिया वाहनों पर सवार तीन लोग भागने लगे, लेकिन त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया गया।
स्कूटी की डिक्की से मिला 1.095 किलो पन्ना
तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी विनय पातर की यामाहा स्कूटी की डिक्की में रखे प्लास्टिक पैकेट से 1.095 किलो पन्ना बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा दो मोटरसाइकिल (OD11AC8043 एवं JH05BV9089), तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 2300 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय पातर (50) और सिद्धेश्वर कालिंदी (45), दोनों निवासी मुराकाटी, थाना गुड़ाबांदा तथा स्नेहाशिष मंगराज (44), निवासी खांड़देवेली, थाना श्यामसुंदरपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, विनय पातर का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ गुड़ाबांदा थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने बहरागोड़ा थाना कांड संख्या 35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल ने कहा कि खनिज तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे गिरोह का पता लगाकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


