

जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन के विकास से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सांसद विद्युत वरण महतो के प्रयासों के बाद टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में सांसद को स्वीकृति पत्र भेजा गया है। परियोजना के लिए 383.78 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है।
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर, प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट सुमित कुमार के हस्ताक्षर से जारी पत्र में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण की स्वीकृति की जानकारी दी गई है। इस परियोजना से टाटानगर के साथ-साथ चक्रधरपुर रेल मंडल में रेलवे के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से डिपो के लिए प्रयास कर रहे थे सांसद
सांसद विद्युत वरण महतो लंबे समय से टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो के निर्माण की मांग कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ₹383.78 करोड़ की यह परियोजना पहले रेलवे बोर्ड के समक्ष स्वीकृति के लिए लंबित थी।
सांसद ने हाल में संपन्न संसद सत्र के दौरान इस विषय को लेकर रेलवे बोर्ड के निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी। उन्होंने रेल मंत्री के समक्ष भी टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा था।
इसके साथ ही सांसद ने टाटानगर स्टेशन पर चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफॉर्म के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है। यह प्रस्ताव स्टेशन की भविष्य की यात्री और परिचालन क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है। अप्रैल 2026 की रिपोर्टों में भी चार अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और लूप लाइन से जुड़े करीब ₹482 करोड़ के प्रस्ताव का उल्लेख किया गया था।
रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद
रेलवे बोर्ड से स्वीकृति पत्र मिलने के बाद सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि वे क्षेत्र की रेलवे संबंधी मांगों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रेलवे से जुड़े अन्य विषयों को भी रेल मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।
सांसद ने इस परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण से टाटानगर रेलवे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनेंगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने और चक्रधरपुर रेल मंडल के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव से संबंधित सुविधाओं की जरूरत पहले से मौजूद है। दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर कोचिंग डिपो में वंदे भारत रेक से जुड़े रखरखाव कार्यों के लिए अलग-अलग तकनीकी सेवाओं के टेंडर भी जारी हुए हैं।

