

New Delhi. कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से लागत पर दबाव बढ़ने के बावजूद देश की प्रमुख एफएमसीजी (रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली) कंपनियां त्योहारी सीजन के दौरान अपने उत्पादों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी करने से बच सकती हैं। कंपनियों का जोर फिलहाल उपभोक्ता मांग और बिक्री की मात्रा बनाए रखने पर है। उद्योग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, कंपनियां जून तिमाही में ही लागत बढ़ने के असर को कम करने के लिए चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में करीब दो से पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुकी हैं। ऐसे में दिवाली तक कीमतों में और बड़ी वृद्धि की संभावना कम है।
एफएमसीजी क्षेत्र को चीनी, खाद्य तेल, कॉफी, कोको और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल आधारित उत्पादों की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव ने भी कंपनियों की लागत बढ़ाई है।
हालांकि, कंपनियां लागत नियंत्रण, परिचालन दक्षता और उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव के जरिये बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही हैं। इससे उनके मुनाफे पर दबाव बना हुआ है, लेकिन कंपनियां फिलहाल कीमत बढ़ाने के बजाय बिक्री की मात्रा में वृद्धि पर ध्यान दे रही हैं।

