जमशेदपुर: एक्सएलआरआई – ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर ने 13वें डॉ. वर्गीज कुरियन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट ओरेशन (सतत विकास भाषण) की मेजबानी की। इसमें राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में शामिल हुए। ‘फादर अरूपे सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी’ (FACES) की एक पहल के रूप में आयोजित इस वार्षिक वक्तव्य ने डॉ. वर्गीज कुरियन की विरासत और भारत के सहकारिता आंदोलन व ग्रामीण विकास में उनके योगदान को श्रद्धांजलि दी।
”राष्ट्र निर्माता के रूप में उत्पादक: भारत में विकास, संस्थानों और समावेशिता पर पुनर्विचार” विषय पर आधारित इस वक्तव्य में भारत की विकास यात्रा को आकार देने में उत्पादकों की भूमिका और अधिक न्यायसंगत अर्थव्यवस्था के निर्माण में संस्थानों, समावेशी विकास व टिकाऊ ग्रामीण आजीविका के महत्व का पता लगाया गया।
डॉ. शाजी कृष्णन वी के पास वाणिज्यिक बैंकिंग, विकास वित्त, ग्रामीण और सहकारी बैंकिंग, डिजिटल परिवर्तन तथा वित्तीय समावेशन में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। नाबार्ड में, उन्होंने सहकारी क्षेत्र के सुधारों, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स, जलवायु वित्त और नवाचार-संचालित ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों का नेतृत्व किया है।
कार्यक्रम में डॉ. शाजी कृष्णन वी और दर्शकों के बीच एक संवाद सत्र भी शामिल था, जिसने वक्तव्य के दौरान उठाए गए विषयों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया।

डॉ. शाजी कृष्णन वी ने ‘एक्साइट’ (XCITE) में ग्रामीण उद्यमियों से बातचीत की

दिन में इससे पहले, डॉ. शाजी कृष्णन वी ने ‘एक्सएलआरआई काउंसिल फॉर इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप’ (XCITE) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने इसकी ग्रामीण व्यवसाय ऊष्मायन (इंक्यूबेशन) पहल से जुड़े 15 संस्थापकों और उद्यमियों से बातचीत की। उद्यमियों ने अपने उपक्रमों, उत्पादों और विचारों को प्रस्तुत किया तथा अपने अनुभवों और विकास की आकांक्षाओं को साझा किया।
इस बातचीत ने ग्रामीण उद्यमिता, नवाचार और उभरते उद्यमों के सामने आने वाले अवसरों व चुनौतियों पर संवाद के लिए एक मंच प्रदान किया। ‘एक्साइट’ (XCITE), नाबार्ड द्वारा समर्थित एक्सएलआरआई की एक पहल है, जिसका उद्देश्य समावेशी और टिकाऊ विकास पर जोर देते हुए कृषि-व्यवसाय, ग्रामीण नवाचार और सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) में प्रभाव-संचालित उपक्रमों को बढ़ावा देना है।
नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी ने पिछले छह महीनों में ‘एक्साइट’ द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति और विकसित विशिष्ट व्यावसायिक संबंधों की सराहना की। उन्होंने उत्पादक संगठनों को मजबूत करने के लिए पूंजीगत सहायता, क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और डिजिटल पहलों के माध्यम से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में नवाचार को बढ़ावा देने की नाबार्ड की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। नवाचार को आर्थिक विकास, युवा रोजगार और संतुलित क्षेत्रीय विकास के चालक के रूप में रेखांकित करते हुए, उन्होंने उभरते उपक्रमों को पोषित करने की नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस दौरे और वक्तव्य ने ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में उद्यमशीलता की पहल, संस्थागत सहायता और सतत विकास को जोड़ने के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. वर्गीज कुरियन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट ओरेशन और उद्योग, नीति निर्माताओं व समुदायों के साथ अपने व्यापक जुड़ाव के माध्यम से, एक्सएलआरआई “फॉर द ग्रेटर गुड” (अधिकतर भलाई के लिए) के प्रति अपनी स्थायी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए जिम्मेदार नेतृत्व, समावेशी विकास और सतत विकास पर संवाद को प्रोत्साहित करना जारी रखे हुए है।

