चांडिल: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। परिजनों के साथ चांडिल डैम पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण की सराहना की। उन्होंने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को डैम और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री धातकीडीह जाने के क्रम में चांडिल डैम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने डैम के विकास, पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन और चांडिल परियोजना से जुड़े कार्यों की प्रगति पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के कार्यों में तेजी लाने और बिजली उत्पादन से जुड़े पहलुओं पर भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

बोटिंग, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन यानी बोटिंग की व्यवस्था को अधिक आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनेगा विकास का खाका
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चांडिल डैम और उसके आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण-अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन सुविधाओं का विकास इस तरह किया जाए कि प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।


