आदित्यपुर: एशिया के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की बदहाल आंतरिक सड़कों, जलनिकासी व्यवस्था और साफ-सफाई की समस्या को लेकर उद्यमियों ने चिंता जताई है। आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल के नेतृत्व में उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन से जियाडा भवन स्थित कार्यालय में मुलाकात की।

बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। क्षेत्रीय निदेशक ने भरोसा दिलाया कि सड़कों और नालों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।

सड़कों पर गड्ढे और दरारें, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा
एसिया प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की कई आंतरिक सड़कें बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे और दरारें होने से वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
उद्यमियों के अनुसार, इन सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों के परिवहन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने के लिए सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की आवश्यकता बताई।
अधूरे नाले और बंद ड्रेनेज सिस्टम भी बने परेशानी
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
उद्यमियों ने बताया कि कई स्थानों पर नाले अधूरे हैं और मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा कई नालों में सफाई और मरम्मत की आवश्यकता है।
सड़कों के किनारे जमा कचरे और गंदगी से भी औद्योगिक क्षेत्र में परेशानी बढ़ रही है। एसिया ने नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
JIADA निदेशक बोले- जल्द शुरू होगी मरम्मत, सफाई के लिए अलग टेंडर
जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन ने उद्यमियों की समस्याएं सुनने के बाद बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों और नालों की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे सफाई कराने और बंद नालों को साफ करने के लिए अलग टेंडर तैयार किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने औद्योगिक परिसरों के बाहर कचरा नहीं फेंकें और क्षेत्र को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
भारी वाहनों के लिए बनेगा पार्किंग स्थल, ढाबा और स्नानघर की भी सुविधा
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों के किनारे भारी व्यावसायिक वाहनों की पार्किंग से उत्पन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि कमर्शियल भारी वाहनों के लिए एक व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने की परियोजना पर काम चल रहा है।
प्रस्तावित पार्किंग स्थल में वाहन चालकों के लिए स्नानघर और ढाबा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
भूमि किराया और लेवी के लंबित मामलों पर भी चर्चा
एसिया प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक इकाइयों से संबंधित भूमि किराया और भूमि लेवी के लंबित मामलों को भी उठाया।
इन मुद्दों पर जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक की ओर से सकारात्मक रुख अपनाए जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में एसिया के ट्रस्टी राजीव रंजन (मुन्ना), महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, उपाध्यक्ष देवांग गांधी, सचिव दिव्यांशु सिन्हा और पिंकेश महेश्वरी उपस्थित थे।
इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सिंह, अनिल गुप्ता, कौशल सिंघल, दीपक दोकानिया, पवन देबूका, रतन अग्रवाल और सुमित मेहता सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे।

