


Adityapur Nagar Nigam: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार के कार्यकाल में सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में दर्जनों अवैध इमारत का निर्माण, बिना नक्शा स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत नक्शा का विचलन कर तथा सरकारी राजस्व को हानि पहुंचा कर धड़ल्ले से जारी है.
आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के कार्यालय को लिखित रूप से सूचित करने के बावजूद अवैध बहुमंजिला इमारत और भी ज्यादा धरले एवं तेजी से बन रहे है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम लोगों के घरों में हुई मामूली वाॅयलेशन को तोड़ने के लिए आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन बुलडोजर एवं सीलिंग का भय दिखती है तो वहीं दूसरी ओर आदित्यपुर नगर निगम के अफसरों के संरक्षण में या यूं कहे कि सेटिंग से टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क के अलावा आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने कई अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है.
सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त,एसडीएम से लेकर झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री,स्थानीय सांसद, विधायक सभी टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क से गुजरते एवं अवैध निर्माण को देखते हैं पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाता हैं.
सबसे आश्चर्यजनक बात यह है की आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के संज्ञान में अवैध निर्माण एवं राजस्व चोरी की सप्रमाण लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से जानकारी देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती हैं।
ऐसा ही यह मामला आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के समीप आदित्यपुर एस.टाइप इंडस्ट्रियल एरिया रोड स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा के समीप गायत्री भवन का है. उक्त गायत्री भवन के पीछे के भाग में, आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के जिम्मेदार एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के मिली भगत से हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को 24 दिसंबर 2025 को सप्रमाण किया गया था.
आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने होने के कारण पिछले पांच माह से इस अवैध निर्माण की हर अपडेट आदित्यपुर नगर निगम के पदाधिकारी लेते रहे हैं. इसके बावजूद अवैध निर्माण गायत्री बिल्डिंग में पूरा होता दिख रहा है.
झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार एवं जिला प्रशासन अगर आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण समेत अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश की कार्यशैली की जांच करें तो यह पाया जाएगा की जन शिकायत मिलने के बाद आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के अपर नगर आयुक्त समेत अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अवैध निर्माण को संरक्षण देने का सेटिंग प्रारंभ कर देते हैं? या उन पर विधिसंवत कानूनी कार्रवाई प्रारंभ करते हैं एवं जुर्माना स्वरूप अर्थ दंड वसूल कर सरकारी खजाना भरते हैं अथवा नहीं?
स्थानीय लोगों में चर्चा है कि आदित्यपुर नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के सेटिंग से ही अवैध निर्माण आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में फल फूल रहा है.
अब देखना है कि अवैध निर्माण को सह देने के लिए चौक चौराहे पर चर्चित आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार क्या कार्रवाई का निर्देश देते हैं.
कुमार मनीष,9852235588



