


Ranchi. झारखंड सरकार ने जंगली जानवरों के हमले से मौत होने पर मुआवज़े की राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने को सोमवार को मंज़ूरी दे दी। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। कैबिनेट सचिवालय की अतिरिक्त मुख्य सचिव वंदना डडेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान के लिए राज्य की मुआवज़ा नीति में बदलाव को मंज़ूरी दी है। उन्होंने बताया कि संशोधित नियमों के तहत, जंगली जानवरों के हमलों के कारण गंभीर रूप से घायल होने पर मिलने वाले मुआवजे को मौजूदा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, मामूली रूप से घायल होने पर मुआवजे की राशि को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही, हमले के कारण होने वाली स्थायी विकलांगता के मामले में मुआवजे की राशि को 3.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है। वंदना ने कहा कि सरकार ने मुआवजे का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत, मुखिया द्वारा प्रमाणन किए जाने पर मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की तत्काल राहत राशि मिलेगी तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने पर शेष नौ लाख रुपये जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, वन विभाग के अधिकारियों के लिए, सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर घटना स्थल का दौरा करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही मुआवजे की पूरी राशि का भुगतान तीन दिन के भीतर करना होगा।



